Q1)
सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए: संजाल पूर्ण कीजिए:
उत्तर :
लक्ष्मी बड़ी भयभीत और घबराई हुई थी।
जो भी पास जाता, उसे सिर हिलाकर मारने की कोशिश करती थी।
↖
↗
मार के कारण लक्ष्मी के व्यवहार में आया परिवर्तन
↙
↘
दर्द और डर के मारे उछल-कूद रही थी।
गले की रस्सी तोड़कर खूँटे से आजाद होने का प्रयास करती थी।
Q2)
उचित घटनाक्रम लगाकर वाक्य फिर से लिखिए:
दिए गए वाक्य:
- उसके गले में रस्सी थी।
- रहमान बड़ा मूर्ख है।
- वह लक्ष्मी को सड़क पर ले आया।
- उसने तुम्हें बड़ी बेदर्दी से पीटा है।
उत्तर (उचित घटनाक्रम):
- १. उसने तुम्हें बड़ी बेदर्दी से पीटा है।
- २. रहमान बड़ा मूर्ख है।
- ३. उसके गले में रस्सी थी।
- ४. वह लक्ष्मी को सड़क पर ले आया।
Q3)
आकृति पूर्ण कीजिए: ज्ञान सिंह का पशु-प्रेम दर्शाने वाली बातें:
उत्तर :
मवेशी (गाय-भैंस) पालने का पुराना शौक होना।
घर के दरवाजे पर सदैव एक गाय या भैंस बँधी रहना।
↖
↗
ज्ञान सिंह का पशु-प्रेम दर्शाने वाली बातें
↙
↘
तीन वर्ष पूर्व अधेड़ उम्र की जर्सी गाय बड़े प्रेम से खरीदना।
आर्थिक परेशानी होने पर भी लक्ष्मी को कसाई को न बेचना।
Q4)
गलत वाक्य, सही करके लिखिए:
1. गलत वाक्य: करामत अली पिछले चार सालों से गाय की सेवा करता चला आ रहा था।
सही वाक्य :
करामत अली पिछले एक साल से गाय की सेवा करता चला आ रहा था।
2. गलत वाक्य: करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद इत्मीनान हुआ।
सही वाक्य :
करामत अली को लक्ष्मी की पीठ पर रोगन लगाने के बाद भी इत्मीनान नहीं हुआ।
Q5)
निम्नलिखित मुद्दों के आधार पर वर्णन कीजिए: (करामत अली की गाय)
उत्तर :
| मुद्दे |
वर्णन |
| 1. नाम |
लक्ष्मी |
| 2. उम्र |
अधेड़ उम्र (बूढ़ी गाय) |
| 3. नस्ल |
जर्सी नस्ल |
| 4. स्थिति |
बूढ़ी होने के कारण दूध देना बंद कर दिया था। |
Q6)
कारण लिखिए:
1. करामत अली लक्ष्मी के लिए सानी तैयार करने लगा।
उत्तर :
क्योंकि सुबह से रमजानी अथवा रहमान किसी ने भी लक्ष्मी को सूखा चारा या दर्रा कुछ भी नहीं दिया था और वह भूख से व्याकुल होकर रंभा रही थी।
2. रमजानी ने करामत अली को रोगन दिया।
उत्तर :
क्योंकि रहमान ने डंडे से लक्ष्मी को बेरहमी से पीटा था, जिससे उसकी पीठ पर चोट के गहरे निशान उभर आए थे।
3. रहमान ने लक्ष्मी को इलाके से बाहर छोड़ दिया।
उत्तर :
क्योंकि रहमान ने सोचा कि नाले के आसपास उगी हरी दूब और घास खाकर लक्ष्मी खुद ही अपना पेट भर लेगी और घर में चारा देने का खर्च बच जाएगा।
4. करामत अली ने लक्ष्मी को गौशाला में भर्ती कराया।
उत्तर :
क्योंकि आर्थिक तंगी के कारण करामत अली उसके चारे का प्रबंध करने में असमर्थ था, किंतु वह मित्र के विश्वास और बेजुबान पशु के प्रति निष्ठा के कारण उसे कसाई को बेचने के पूर्णतः विरुद्ध था।
Q7)
शब्द संपदा: हिंदी-मराठी में समोच्चरित शब्दों के भिन्न अर्थ लिखिए:
उत्तर :
| शब्द |
हिंदी में अर्थ |
मराठी में अर्थ |
| 1. खत |
पत्र / चिट्ठी |
खत (शेतातील खत / पालापाचोळा) |
| 2. पीठ |
शरीर का पृष्ठ भाग (पीठ) |
दळलेले धान्य (आटा) |
| 3. खाना |
भोजन |
कपाटाचा कप्पा / दराज |
| 4. चारा |
मवेशियों का भोजन / उपाय |
उपाय / तोडगा |
| 5. कल |
बीता हुआ या आने वाला दिन |
प्रवृत्ती / ओढ / कलह |
Q8)
अभिव्यक्ति (स्वमत): 'यदि आप करामत अली की जगह पर होते तो...' इस संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
उत्तर :
यदि मैं करामत अली की जगह होता, तो मैं भी ठीक वही मानवीय और संवेदनशील निर्णय लेता जो करामत अली ने लिया:
- पालतू पशु के प्रति कर्तव्य: पालतू प्राणी केवल दूध या लाभ प्राप्त करने का साधन नहीं होते, वे हमारे परिवार के सदस्य जैसे होते हैं। जब तक वे उपयोगी रहें तब तक उन्हें पालना और बूढ़े होने पर उन्हें छोड़ देना या कसाई को बेचना घोर अमानवीयता है।
- मित्र के प्रति निष्ठा: ज्ञान सिंह ने पूरे विश्वास के साथ लक्ष्मी की जिम्मेदारी करामत अली को सौंपी थी। मैं अपने मित्र के उस विश्वास को कभी टूटने नहीं देता।
- गौशाला का उचित निर्णय: आर्थिक तंगी के समय यदि मैं स्वयं गाय के चारे का प्रबंध करने में असमर्थ होता, तो मैं भी उसे किसी अच्छी गौशाला या पशु-कल्याण केंद्र में पहुँचाता जहाँ उसकी समुचित देखभाल हो सके और वह अपना शेष जीवन सुखपूर्वक बिता सके।
Q9)
भाषा बिंदु (व्याकरण): निम्नलिखित वाक्यों में उचित विरामचिह्नों का प्रयोग कर वाक्य पुनः लिखिए:
उत्तर :
- ओह! कंबख्त ने कितनी बेदर्दी से पीटा है।
- मैंने कराहते हुए पूछा, "मैं कहाँ हूँ?"
- मँझली भाभी मुट्ठी भर बँदियाँ सूप में फेंककर चली गई।
- बड़ी बेटी ने ससुराल से संवाद भेजा है; उसकी ननद रूठी हुई है मोथी की शीतलपाटी के लिए।
- केवल टीका, नथुनी और बिछिया रख लिए थे।
- "ठहरो, मैं माँ से जाकर कहती हूँ इतनी बड़ी बात!"
- टाँग का टूटना यानी सार्वजनिक अस्पताल में कुछ दिन रहना।
- जल्दी-जल्दी पैर बढ़ा!
- "लक्ष्मी चल, अरे गऊशाला यहाँ से दो किलोमीटर दूर है।"
- मानो उनकी एक आँख पूछ रही हो—कहो, कविता कैसी रही?
पाठ परिचय : लक्ष्मी (गुरुदयाल सिंह)
सुप्रसिद्ध लेखक गुरुदयाल सिंह द्वारा रचित 'लक्ष्मी' एक अत्यंत मार्मिक और संवेदनशील संवहनीय कहानी है। इस कहानी में लेखक ने बेजुबान पालतू पशुओं के प्रति मानवीय प्रेम, वफादारी और संवेदना को उजागर किया है। करामत अली और ज्ञान सिंह के माध्यम से लेखक यह संदेश देते हैं कि अनुपयोगी या बूढ़े हो चुके पशुओं की भी अंत तक देखभाल करना हमारा परम कर्तव्य है।
पाठ के प्रमुख पात्र एवं जीवन-मूल्य
- ज्ञान सिंह : करामत अली का मित्र, जिसे मवेशी पालने का शौक था और जो लक्ष्मी से सच्चा स्नेह करता था।
- करामत अली : मित्र के दिए वचन को निभाने वाला और पशुओं के दर्द को समझने वाला संवेदनशील इंसान।
- रमजानी व रहमान : व्यावहारिक दृष्टिकोण रखने वाले पारिवारिक सदस्य, जो चारे के खर्च से परेशान थे।
- लक्ष्मी : बूढ़ी जर्सी गाय, जो मनुष्य और पशु के मूक आत्मीय संबंध का प्रतीक है।
बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
१. ज्ञान सिंह ने लक्ष्मी को क्यों नहीं बेचा?
ज्ञान सिंह लक्ष्मी से अत्यधिक प्रेम करता था। वह उसे किसी व्यापारी या कसाई के हाथों बेचकर उसके प्राण संकट में नहीं डालना चाहता था।
२. करामत अली ने लक्ष्मी को गौशाला ले जाने का फैसला क्यों किया?
आर्थिक तंगी के कारण वह लक्ष्मी के लिए दाना-चारा खरीदने में असमर्थ था, लेकिन उसे भूखा मरने या कसाई को बेचने से बचाने के लिए उसने उसे गौशाला में भर्ती कराया।
३. समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द किसे कहते हैं?
जिन शब्दों का उच्चारण हिंदी और मराठी में लगभग समान होता है, परंतु दोनों भाषाओं में उनके अर्थ पूर्णतः भिन्न होते हैं (जैसे - खत, पीठ, खाना), उन्हें समोच्चरित भिन्नार्थक शब्द कहते हैं।
संबंधित महत्वपूर्ण विषय
Laxmi Hindi Chapter 2 Solutions
१०वीं हिंदी लक्ष्मी स्वाध्याय
Sanjal Purna Kijiye Laxmi
Hindi Marathi Samoccharit Shabd
Viramchihn Class 10 Hindi