पहली इकाई | पाठ ४ : मन (पूरक पठन)

हाइकु - विकास परिहार (स्वाध्याय प्रश्न उत्तर)

Q1) लिखिए: हाइकु द्वारा मिलने वाला संदेश:
1. 'करते जाओ पाने की मत सोचो जीवन सारा' द्वारा मिलने वाला संदेश:
उत्तर :

मनुष्य को जीवन भर निरंतर निष्काम भाव से कर्म करते रहना चाहिए। कर्म करते समय मन में फल पाने की लालसा या स्वार्थ नहीं रखना चाहिए (भगवद्गीता का निष्काम कर्मयोग)।

2. 'भीतरी कुंठा नयनों के द्वार से आई बाहर' द्वारा मिलने वाला संदेश:
उत्तर :

जब हृदय में घोर निराशा, असफलता या दुख का अंधकार भर जाता है, तो वह भीतरी पीड़ा और कुंठा आँखों से आँसुओं के रूप में बाहर निकलकर मन को हल्का और शांत कर देती है।

Q2) कृति पूर्ण कीजिए: हाइकु की प्रमुख विशेषताएँ:
उत्तर :
हाइकु जापान की लोकप्रिय पारंपरिक काव्य विधा है।
यह विश्व की सबसे छोटी कविता मानी जाती है।
↖ ↗
हाइकु की प्रमुख विशेषताएँ
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इसमें कुल १७ वर्ण (अक्षर) ५ + ७ + ५ क्रम में होते हैं।
कम से कम शब्दों में गहरा व सारगर्भित भाव व्यक्त होता है।
Q3) उत्तर लिखिए:
उत्तर :
प्रश्न संदर्भ उत्तर
1. मँझधार में डोले जीवन नैया
2. छिपे हुए सितारे
3. धुल गए विषाद
4. अमर हुए गीतों के स्वर
Q4) निम्नलिखित काव्य पंक्तियों का केंद्रीय भाव स्पष्ट कीजिए:
1. 'चलतीं साथ पटरियाँ रेल की फिर भी मौन।'
केंद्रीय भाव :

रेल की दोनों पटरियाँ युगों-युगों से एक साथ चलती हैं, परंतु वे कभी आपस में बात नहीं करतीं; सदा मौन रहकर अपना कर्तव्य निभाती हैं। इसी प्रकार मानव जीवन में सुख और दुख रेल की दो पटरियों के समान साथ-साथ चलते हैं। मनुष्य को दोनों परिस्थितियों में शांत और संतुलित रहकर जीवन पथ पर आगे बढ़ते रहना चाहिए।

2. 'काँटों के बीच खिलखिलाता फूल देता प्रेरणा।'
केंद्रीय भाव :

गुलाब का फूल चारों ओर तीखे काँटों से घिरा होने पर भी सदा मुस्कुराता, खिलता और अपनी सुगंध बाँटता रहता है। यह हमें यह अमर प्रेरणा देता है कि जीवन में कितनी भी प्रतिकूलताएँ, बाधाएँ और संकट क्यों न आएँ, हमें घबराना नहीं चाहिए बल्कि हर हाल में प्रसन्न रहकर दूसरों को खुशी बाँटनी चाहिए।

Q5) उपयोजित लेखन (पत्र लेखन): वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने के उपलक्ष्य में अपने मित्र को बधाई पत्र लिखिए।
उत्तर (बधाई पत्र प्रारूप):

दिनांक: १५ अक्टूबर २०२६
प्रिय मित्र राहुल,
सप्रेम नमस्ते।

आज ही दैनिक समाचार पत्र और विद्यालय सूचना पटल से यह सुखद समाचार मिला कि तुमने राज्य स्तरीय अंतर-विद्यालयीन वक्तृत्व प्रतियोगिता में 'प्रथम स्थान' प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता है। यह समाचार पढ़कर मेरा मन अत्यंत प्रसन्नता और गर्व से भर गया।

तुम्हारी अद्भुत वाक्पटुता, प्रभावशाली आवाज और अकाट्य तर्कों का ही यह सुफल है। तुमने पूरे राज्य में अपने माता-पिता और अपने विद्यालय का नाम रोशन किया है। इस ऐतिहासिक सफलता पर मेरी ओर से तुम्हें हार्दिक बधाई एवं ढेरों शुभकामनाएँ!

आशा है कि भविष्य में भी तुम वक्तृत्व और वाद-विवाद के क्षेत्र में इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को छुओगे। पूज्य चाचाजी और चाचीजी को मेरा सादर प्रणाम कहना और छोटी बहन नेहा को सस्नेह प्यार।

तुम्हारा अभिन्न मित्र,
अमन शर्मा
१०२, गांधी नगर, पुणे - ४११०३०
ई-मेल: amansharma@email.com

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पाठ परिचय : मन (हाइकु - विकास परिहार)

कवि विकास परिहार द्वारा रचित 'मन' जापानी काव्य विधा 'हाइकु' में रचित प्रेरक कविताओं का सुंदर संकलन है। हाइकु विश्व की सबसे छोटी कविता मानी जाती है, जिसमें कुल १७ वर्ण (५ + ७ + ५) होते हैं। कवि ने छोटे-छोटे हाइकु के माध्यम से जीवन की नश्वरता, निराशा में आशा की किरण, कर्म का महत्व और आंतरिक शांति जैसे गूढ़ सत्यों को बड़ी ही सरलता से अभिव्यक्त किया है।

हाइकु के प्रमुख जीवन संदेश

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

१. हाइकु काव्य विधा की रचना संरचना कैसी होती है?

हाइकु तीन पंक्तियों की कविता होती है, जिसमें कुल १७ वर्ण (५ + ७ + ५ के क्रम में) होते हैं। यह मूलतः जापान की विधा है।

२. काँटों के बीच खिलता फूल हमें क्या सीख देता है?

फूल हमें सीख देता है कि जीवन में कितनी भी प्रतिकूलताएँ और कष्ट क्यों न आएँ, हमें सदैव हँसते-मुस्कुराते हुए जीवन जीना चाहिए।

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