दूसरी इकाई | पाठ ३ : श्रम साधना

वैचारिक निबंध - श्रीकृष्णदास जाजू (स्वाध्याय प्रश्न उत्तर)

Q1) संक्षेप में उत्तर लिखिए :
1. व्यापारी और उद्योगपतियों के लिए अर्थशास्त्र द्वारा बनाए गए नए नियम :
उत्तर : केवल वैधानिक रीति से धन कमाना और दूसरों के लाभ-हानि की चिंता किए बिना अधिक-से-अधिक लाभ अर्जित करना।
2. संपत्ति के दो मुख्य साधन :
उत्तर : (१) सृष्टि या प्रकृति की देन और (२) मनुष्य का शारीरिक श्रम।
3. समाप्त हुईं दो पुरानी प्रथाएँ :
उत्तर : (१) राजा-महाराजाओं की राजशाही प्रथा और (२) दासों को गुलाम बनाकर रखने की दास-प्रथा।
4. कल्याणकारी राज्य का अर्थ :
उत्तर : समाज के सभी प्रकार के दुर्बलों और असहायों को राजसत्ता द्वारा संरक्षण व सहायता प्रदान करना।
Q2) संजाल पूर्ण कीजिए :
गांधीजी द्वारा शोषण तथा अशांति मिटाने के सूत्र
↙ ↘
१. शारीरिक श्रम का सूत्र:
• पेट भरने के लिए हाथ-पैर चलाना।
• प्रतिदिन चार घंटे शारीरिक श्रम करना।
२. बौद्धिक कार्य का सूत्र:
• ज्ञान प्राप्त करने और ज्ञान बाँटने के लिए बुद्धि का उपयोग।
• प्रतिदिन चार घंटे बौद्धिक कार्य करना।
Q3) तुलना कीजिए : बुद्धिजीवी बनाम श्रमजीवी
बुद्धिजीवी वर्ग श्रमजीवी वर्ग
१. मुख्य रूप से बौद्धिक कार्य या दिमाग से काम करते हैं। १. मुख्य रूप से शारीरिक श्रम या हाथ-पैर से मेहनत करते हैं।
२. अधिक आमदनी, समाज में मान-प्रतिष्ठा और सुखमय जीवन पाते हैं। २. कम आमदनी, मान-प्रतिष्ठा का अभाव और कष्टमय जीवन जीते हैं।
Q4) कृति पूर्ण कीजिए :
1. दान से ये सामाजिक कार्य संपन्न होते हैं :
(१) अस्पताल बनाना
(२) विद्यालय (पाठशाला) बनाना
2. व्यापार की कला इनसे प्राप्त होती है :
(१) पूर्वजों के अनुभव और संगति से
(२) समाज की व्यवस्था और व्यावहारिक ज्ञान से
Q5) शब्द संपदा - प्रत्यययुक्त शब्द व वाक्य प्रयोग :
पाठ में प्रयुक्त ‘इक’ प्रत्यययुक्त शब्दों को ढूँढ़कर लिखिए तथा किन्हीं चार का स्वतंत्र वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
‘इक’ प्रत्यययुक्त शब्द : आर्थिक, शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक, व्यावहारिक, प्राकृतिक।
वाक्य प्रयोग :
१. आर्थिक : देश की आर्थिक प्रगति के लिए उद्योगों का विकास आवश्यक है।
२. शारीरिक : स्वस्थ और निरोगी रहने के लिए नियमित शारीरिक श्रम करना चाहिए।
३. बौद्धिक : शतरंज खेलने से बच्चों का बौद्धिक विकास होता है।
४. सामाजिक : मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, इसलिए उसे समाज के नियमों का पालन करना चाहिए।
Q6) विलोम शब्द जोड़ियाँ :
पाठ में प्रयुक्त विलोम शब्दों की जोड़ियाँ ढूँढ़कर लिखिए :
क्र. शब्द विलोम शब्द
१. हाड़ (हड्डी) माँस
२. प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष
३. देश विदेश
४. स्वार्थ परार्थ
५. अमीर गरीब
६. सुख कष्ट / दुःख
Q7) अभिव्यक्ति :
‘समाज परोपकार वृत्ति के बल पर ही ऊँचा उठ सकता है’ इस कथन से संबंधित अपने विचार लिखिए :
विचार : परोपकार मनुष्य का सबसे श्रेष्ठ मानवीय गुण है। प्रकृति हमें सदैव परोपकार का पाठ पढ़ाती है; वृक्ष अपने फल स्वयं नहीं खाते, नदियाँ अपना जल स्वयं नहीं पीतीं, वे सदैव दूसरों की भलाई के लिए समर्पित रहती हैं।

एक आदर्श समाज का निर्माण केवल धन-दौलत से नहीं, बल्कि परस्पर सहयोग, करुणा और परोपकार की भावना से होता है। समाज में जब संपन्न वर्ग निर्धनों, असहायों और अनाथों की मदद के लिए हाथ बढ़ाता है, तभी विषमता दूर होती है। अस्पताल, धर्मशालाएं, अनाथालय और विद्यालय परोपकारी व्यक्तियों के सहयोग से ही चलते हैं। यदि प्रत्येक व्यक्ति केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचेगा, तो समाज बिखर जाएगा। इसलिए परोपकार वृत्ति ही समाज को नैतिक और मानवीय दृष्टि से ऊँचा उठाती है।
Q8) भाषा बिंदु - मुहावरों का अर्थ और वाक्य प्रयोग :
निम्नलिखित मुहावरों का अर्थ लिखकर उनका अर्थपूर्ण वाक्यों में प्रयोग कीजिए :
मुहावरा अर्थ वाक्य प्रयोग
१. गुजर-बसर करना जीविका चलाना मोहन अपनी छोटी-सी दुकान से किसी तरह परिवार का गुजर-बसर कर लेता है।
२. गला फाड़ना ऊँची आवाज में चिल्लाना अध्यापक ने छात्र से कहा, “शांत होकर बात करो, नाहक गला क्यों फाड़ रहे हो?”
३. कलेजे में हूक उठना मन में तीव्र वेदना या कसक होना बाढ़ पीड़ितों का दुःख देखकर समाजसेवक के कलेजे में हूक उठने लगी।
४. सीना तानकर खड़े रहना दृढ़तापूर्वक डटे रहना हमारे वीर सैनिक सीमा पर हर खतरे के सामने सीना तानकर खड़े रहते हैं।
५. टाँग अड़ाना व्यर्थ बाधा डालना दूसरों के भले काम में कभी बेवजह टाँग नहीं अड़ानी चाहिए।
६. जेब ढीली होना काफी धन खर्च होना महानगरों के बड़े अस्पतालों में इलाज कराने से अच्छी-खासी जेब ढीली हो जाती है।
७. निजात पाना मुक्ति या छुटकारा पाना कड़ी मेहनत के बाद किसान आखिरकार पुराने कर्ज से निजात पा गया।
८. फूट-फूटकर रोना बिलख-बिलख कर रोना परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने पर छात्र माँ की गोद में सिर रखकर फूट-फूटकर रोने लगा।
९. मन तरंगित होना उत्साह व खुशी में मग्न होना परीक्षा में प्रथम आने का समाचार सुनते ही रोहन का मन तरंगित हो उठा।
१०. मुँह लटकाना उदास या लज्जित होना पिताजी की डाँट सुनते ही छोटा भाई चुपचाप मुँह लटकाकर बैठ गया।
Q9) उपयोजित लेखन : कहानी लेखन
निम्न शब्दों के आधार पर कहानी लेखन कीजिए : मिट्टी, चाँद, खरगोश, कागज
कहानी का शीर्षक : मेहनत और सूझबूझ का कमाल

एक सुंदर गाँव में आत्माराम नाम का एक गरीब किंतु अत्यंत परिश्रमी युवक रहता था। उसके पास न तो अपनी जमीन थी और न ही कोई स्थायी काम। वह दूसरों के खेतों में मजदूरी करके बड़ी मुश्किल से अपने परिवार का पेट पालता था। एक दिन गाँव में एक ज्ञानी साधु पधारे। आत्माराम ने साधु के चरणों में प्रणाम कर अपनी गरीबी दूर करने का उपाय पूछा।

साधु ने पास की मिट्टी उठाकर उसे दी और मुस्कुराते हुए कहा, “वत्स! ईश्वर ने तुम्हें दो हाथ दिए हैं, यह मिट्टी तुम्हारे लिए सोना बन सकती है। इससे खिलौने बनाओ और बाजार में बेचो।” आत्माराम ने साधु की सीख को जीवन का मंत्र बना लिया। वह गीली मिट्टी से सुंदर खरगोश, तोते और तरह-तरह के खिलौने बनाकर मेले में बेचने लगा। उसकी कला की बहुत प्रशंसा होने लगी और उसकी आय बढ़ गई।

एक दिन एक छोटे बालक ने उससे चाँद के आकार का खिलौना माँगा, जो रात में चमक सके और हल्का हो। आत्माराम सोचने लगा कि मिट्टी का चाँद भारी होगा। तभी उसने देखा कि बच्चे रंग-बिरंगे कागज की पतंगें उड़ा रहे हैं। आत्माराम के मन में नया विचार आया। उसने चमकीले और हल्के कागज से सुंदर चाँद, तारे और रंगीन मुखौटे बनाने शुरू कर दिए।

कागज के हल्के खिलौनों की माँग इतनी बढ़ गई कि दूर-दूर के शहरों से व्यापारी उसके खिलौने खरीदने आने लगे। आत्माराम की मेहनत और बुद्धिमत्ता ने उसकी गरीबी को सदा के लिए दूर कर दिया।

सीख : सच्ची लगन, कड़ी मेहनत और सही सूझबूझ से मिट्टी को भी सोना बनाया जा सकता है।
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पाठ परिचय : श्रम साधना (श्रीकृष्णदास जाजू)

गांधीवादी विचारक श्रीकृष्णदास जाजू द्वारा रचित वैचारिक निबंध 'श्रम साधना' में शारीरिक श्रम की महत्ता, सामाजिक न्याय और आर्थिक समानता पर बल दिया गया है। लेखक का स्पष्ट मत है कि यदि समाज में प्रत्येक व्यक्ति अपने हिस्से का शारीरिक श्रम करे, तो गरीबी, असमानता और शोषण का स्वतः अंत हो जाएगा। गांधीजी के स्वावलंबन और 'रोटी के लिए श्रम' (Bread Labor) के सिद्धांत का यह उत्कृष्ट विश्लेषण है।

महत्वपूर्ण बिंदु एवं विचार

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

१. संपत्ति के दो मुख्य साधन कौन-से हैं?

प्रकृति द्वारा दी गई प्राकृतिक संपदा (भूमि, जल, वनस्पति) और मनुष्य का शारीरिक श्रम—ये दोनों ही संपत्ति निर्माण के मुख्य साधन हैं।

२. कल्याणकारी राज्य का क्या तात्पर्य है?

जिस राज्य व्यवस्था में समाज के प्रत्येक नागरिक को भोजन, वस्त्र, आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएँ बिना किसी भेदभाव के प्राप्त हों और जहाँ दुर्बलों का संरक्षण हो, उसे कल्याणकारी राज्य कहते हैं।

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