पहली इकाई | पाठ ५ : जूलिया

एकांकी - अंतोन चेखव (स्वाध्याय प्रश्न उत्तर)

Q1) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए: (क) संजाल पूर्ण कीजिए:
(१) संजाल : गद्यांश में संसार के लिए प्रयुक्त विशेषण:
उत्तर :
१. कठोर
२. क्रूर
↑ ↑
गद्यांश में आया संसार
↓ ↓
३. निर्मम
४. हृदयहीन
(२) संजाल : गृहस्वामी द्वारा जूलिया के वेतन में की गई कटौतियाँ (कारण):
उत्तर :
१. ९ इतवार और ३ छुट्टियों का नागा
२. कोल्या के बीमार होने पर केवल वान्या को पढ़ाना
↑ ↑
जूलिया के वेतन में की गई कटौतियाँ
↓ ↓
३. चाय की प्याली और तश्तरी टूटना
४. कोल्या की जैकेट फटना व जूते चोरी होना
Q2) ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्तर निम्नलिखित शब्द हों:
१. उत्तर : वान्या
प्रश्न :

कोल्या के बीमार होने पर जूलिया ने किसे पढ़ाया था?

२. उत्तर : रूबल
प्रश्न :

रूस की मुद्रा को क्या कहते हैं?

Q3) कारण लिखिए:
(क) गृहस्वामी द्वारा जूलिया से माफी माँगना:
उत्तर :

गृहस्वामी ने जूलिया के साथ एक क्रूर मजाक किया था ताकि वह उसे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक कर सके। इस कठोर व्यवहार के लिए उन्होंने जूलिया से क्षमा माँगी।

(ख) गृहस्वामी का जूलिया को संसार से लड़ने के लिए कहना:
उत्तर :

क्योंकि गृहस्वामी का दृढ़ विश्वास था कि इस कठोर, क्रूर और निर्मम संसार में दब्बू, भीरू और रीढ़रहित (अन्याय सहने वाले) लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है; अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ना ही पड़ता है।

Q4) भाषा बिंदु: पाठ में प्रयुक्त अंकों का उपयोग करके मुहावरे लिखिए तथा वाक्य में प्रयोग कीजिए:
उत्तर :
प्रयुक्त अंक मुहावरा (अर्थ) सार्थक वाक्य प्रयोग
दो नौ दो ग्यारह होना (भाग जाना) पुलिस की सायरन सुनते ही चोर माल छोड़कर नौ दो ग्यारह हो गए।
चार चार चाँद लगना (शोभा बढ़ाना) वार्षिकोत्सव में नन्हे बच्चों के नृत्य ने पूरे कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।
एक एक और एक ग्यारह होना (एकता में शक्ति) यदि हम सभी मिलकर काम करेंगे तो एक और एक ग्यारह हो जाएँगे।
सौ सौ सुनार की, एक लोहार की (बलशाली का एक वार भारी) कमजोर व्यक्ति की कई बातों पर ज्ञानी का एक ही तर्क भारी पड़ गया।
Q5) स्वमत अभिव्यक्ति: 'संसार में दब्बू और रीढ़रहित लोगों के लिए कोई स्थान नहीं है' इस विचार को स्पष्ट कीजिए:
उत्तर :

यह कथन पूर्णतः सत्य है कि आधुनिक समाज में संकोची, अत्यधिक सीधे और अन्याय सहने वाले लोगों का केवल शोषण ही होता है। जो व्यक्ति अपने न्यायोचित अधिकारों के लिए आवाज नहीं उठाता, समाज उसके परिश्रम का अनुचित लाभ उठाने से नहीं चूकता।

एकांकी में जूलिया की तरह जो लोग अन्याय का विरोध करने के बजाय चुपचाप आँसू बहाते रहते हैं, वे शोषण के शिकार बनते हैं। अन्याय सहना, अन्याय करने जितना ही बड़ा अपराध है। स्वाभिमानपूर्वक जीने के लिए व्यक्ति में अन्याय का प्रतिकार करने का साहस होना अत्यंत आवश्यक है। हमें विनम्र अवश्य होना चाहिए, किंतु अपने सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए दृढ़ता से खड़ा होना सीखना चाहिए।

← Previous Index Next →

पाठ परिचय : जूलिया (अंतोन चेखव)

विश्वप्रसिद्ध रूसी कथाकार और नाटककार अंतोन चेखव द्वारा लिखित 'जूलिया' एक विचारोत्तेजक और मार्मिक एकांकी है। इसमें एक गृहस्वामी अपनी बच्चों की गवर्नेस (शिक्षिका) जूलिया के अत्यधिक सीधेपन, संकोच और दब्बू स्वभाव को दूर करने के लिए उसके साथ एक योजनाबद्ध नाटक रचता है। वह जूलिया के वेतन में अकारण कटौतियाँ करके उसे यह सिखाना चाहता है कि जीवन में स्वाभिमान से जीने के लिए अन्याय का प्रतिकार करना अनिवार्य है।

एकांकी के प्रमुख जीवन-मूल्य एवं सीख

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

१. जूलिया कौन थी और वह गृहस्वामी के घर क्या कार्य करती थी?

जूलिया वासिलीयेव्ना एक भोली-भाली गवर्नेस (शिक्षिका) थी, जो गृहस्वामी के बच्चों (कोल्या और वान्या) की देखरेख और उन्हें पढ़ाने का कार्य करती थी।

२. गृहस्वामी ने अंत में जूलिया को कितने रूबल दिए?

गृहस्वामी ने नाटक समाप्त कर जूलिया को उसके पूरे अस्सी (८०) रूबल दिए और उसे जीवन में कभी दब्बू न बनने की बहुमूल्य सीख दी।

३. जूलिया का धन्यवाद सुनकर गृहस्वामी क्यों क्रोधित हो उठे?

क्योंकि वेतन में भारी कटौती करने और केवल ग्यारह रूबल थमाने पर भी जब जूलिया ने विनीत होकर 'धन्यवाद' कहा, तो गृहस्वामी को उसके इस कायरतापूर्ण व्यवहार पर गुस्सा आ गया।

संबंधित महत्वपूर्ण विषय

Yuliya Class 9 Hindi Ekanki ९वीं हिंदी जूलिया स्वाध्याय Anton Chekhov Yuliya Play अंकों पर आधारित मुहावरे ९वीं Hindi Lokbharti Chapter 5 Solutions
Link copied to clipboard!