पहली इकाई | पाठ ६ : ऐ सखि !

पूरक पठन (मुकरियाँ) - अमीर खुसरो (स्वाध्याय प्रश्न उत्तर)

Q1) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए: मुकरियों के आधार पर निम्नलिखित शब्दों की विशेषताएँ लिखिए:
उत्तर :
शब्द (पहेली का उत्तर) मुकरियों में वर्णित विशेषता
१. तोता सुंदर व चटकीले रंग वाला, अत्यंत गुणवान और राम का नाम जपे बिना कभी न सोने वाला।
२. नीर (पानी) जब भी माँगो हाजिर होने वाला, जो एक क्षण में मन और हृदय की तीव्र तपन-प्यास बुझा देता है।
३. अंजन (काजल) आठों पहर नयनों का मनोरंजन करने वाला और आँखों से क्षण भर भी दूर न होने वाला।
४. ढोल जिसके मीठे बोल सुनकर तन-मन झूम उठता है और जिसका ब्याह-शादी में बजना अनिवार्य होता है।
Q2) निम्नलिखित मुकरियों का सरल भावार्थ लिखिए:
१. मुकरी १ : "रात समय वह मेरे आवे, भोर भये वह घर उठि जावे... ऐ सखि साजन? ना सखि तारा।"
भावार्थ :

नायिका अपनी सखी से पहेली के रूप में कहती है कि वह रोज रात के समय मेरे पास आता है और जैसे ही सुबह (भोर) होती है, वह चुपचाप अपने घर लौट जाता है। उसका यह आना-जाना बड़ा ही अनोखा और आश्चर्यजनक है। यह सुनकर उसकी सखी उत्सुकता से पूछती है - "सखी, क्या वह तुम्हारा साजन (पति) है?" नायिका मुस्कुराकर मुकरते हुए कहती है - "नहीं सखी, वह साजन नहीं, बल्कि आकाश का तारा है।"

२. मुकरी ५ : "अति सुरंग है रंग रंगीलो, है गुणवंत बहुत चटकीलो... ऐ सखि साजन? ना सखि तोता।"
भावार्थ :

नायिका अपनी सखी से कहती है कि उसका रंग अत्यंत सुंदर और मनमोहक है। वह बहुत ही गुणवान, होशियार और चटकीले स्वभाव का है। वह कभी भी प्रभु राम का नाम जपे बिना रात को नहीं सोता। सखी तुरंत अनुमान लगाकर पूछती है - "सखी, क्या वह तुम्हारा प्रिय साजन है?" नायिका तुरंत इंकार करते हुए उत्तर देती है - "नहीं सखी, वह साजन नहीं, वह तो पिंजरे का तोता है।"

३. मुकरी ९ : "बिन आए सबहीं सुख भूले, आए ते अंग-अंग सब फूले... ऐ सखि साजन? ना सखि पाती।"
भावार्थ :

नायिका कहती है कि जब तक वह नहीं आता, मुझे दुनिया का कोई भी सुख अच्छा नहीं लगता; और जब वह आ जाता है, तो मेरे अंग-प्रत्यंग में प्रसन्नता की लहर दौड़ जाती है। उसे छाती से लगाते ही हृदय शीतल और शांत हो जाता है। सखी पूछती है - "क्या वह तुम्हारा साजन है?" नायिका उत्तर देती है - "नहीं सखी, वह साजन नहीं, बल्कि साजन की भेजी हुई चिट्ठी (पाती/पत्र) है।"

Q3) कल्पना पल्लवन: 'पुस्तकों का संसार - ज्ञान और मनोरंजन का भंडार' इस विषय पर अपने विचार लिखिए:
उत्तर :

पुस्तकें मानव सभ्यता की सबसे मूल्यवान और अमूल्य धरोहर हैं। पुस्तकों के विस्तृत संसार में ज्ञान-विज्ञान, इतिहास, भूगोल, दर्शन और कला का अपार खजाना सुरक्षित रहता है। जब हम किसी अच्छी पुस्तक को पढ़ना आरंभ करते हैं, तो हम केवल शब्द ही नहीं पढ़ते, बल्कि सदियों पुराने युगों और महापुरुषों के विचारों से रूबरू होते हैं।

ज्ञानवर्धन के साथ-साथ पुस्तकें मनोरंजन का भी सबसे स्वस्थ और श्रेष्ठ माध्यम हैं। रोचक कहानियाँ, उपन्यास, चुटकुले, नाटक और कविताएँ हमारे तनाव को दूर कर मन को तरोताजा कर देती हैं। अकेलापन दूर करने के लिए एक अच्छी पुस्तक से बढ़कर कोई सच्चा साथी नहीं हो सकता। अतः हमें नियमित पुस्तक-पठन की आदत अवश्य विकसित करनी चाहिए।

← Previous Index Next →

पाठ परिचय : ऐ सखि ! (अमीर खुसरो)

मध्ययुगीन साहित्यकार, संगीतज्ञ और 'तूतिए-हिंद' के नाम से प्रसिद्ध हजरत अमीर खुसरो द्वारा रचित 'मुकरियाँ' हिंदी लोकसाहित्य की एक अत्यंत मनोरंजक विधा है। मुकरियों में चार पंक्तियाँ होती हैं। पहली तीन पंक्तियों में किसी व्यक्ति या वस्तु की ऐसी विशेषताएँ बताई जाती हैं जिससे ऐसा लगता है कि नायिका अपने पति (साजन) की बात कर रही है, किंतु अंतिम पंक्ति में सखी के पूछने पर वह मुकर जाती है और वास्तविक वस्तु का नाम बताती है।

मुकरियों की साहित्यिक विशेषताएँ

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

१. 'मुकरी' किसे कहते हैं?

मुकरी पहेली का ही एक विशेष काव्यात्मक रूप है, जिसमें पहले किसी वस्तु का ऐसा वर्णन किया जाता है जिससे साजन का भ्रम हो, किंतु अंत में उस बात से मुकरकर असली वस्तु का नाम बताया जाता है।

२. अमीर खुसरो को किस उपाधि से जाना जाता है?

अमीर खुसरो को उनकी अद्भुत प्रतिभा और मधुर वाणी के कारण 'तूतिए-हिंद' (भारत का तोता) की उपाधि से जाना जाता है।

३. मुकरियों में नायिका किस बात से मुकरती है?

नायिका अपनी सखी द्वारा साजन का नाम लिए जाने पर मुकर जाती है और वस्तु का सही नाम (जैसे तारा, तोता, ढोल, पत्र, नीर) बताती है।

संबंधित महत्वपूर्ण विषय

Ae Sakhi Class 9 Hindi Purak Pathan ९वीं हिंदी ऐ सखि स्वाध्याय Amir Khusro Mukariyan Solutions मुकरियों का सरल भावार्थ ९वीं Hindi Lokbharti Chapter 6 Question Answer
Link copied to clipboard!