पहली इकाई | पाठ ७ : डाॅक्‍टर का अपहरण

विज्ञान कथा - डॉ. हरिकृष्ण देवसरे (स्वाध्याय प्रश्न उत्तर)

Q1) सूचना के अनुसार कृतियाँ कीजिए: संजाल पूर्ण कीजिए:
संजाल प्रश्न: सौरमंडल के अन्य ग्रह पर बसे लोगों के चिकित्साशास्त्र में पिछड़े रहने के कारण:
उत्तर :
१. मशीनों व तकनीकी सुखों पर अत्यधिक निर्भरता
२. शरीर की प्राकृतिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता का क्षीण होना
↑ ↑
चिकित्साशास्त्र में पिछड़े रहने के कारण
↓ ↓
३. अंगों के सड़न रोग (गैंग्रीन) का फैलना
४. शल्य-चिकित्सा (सर्जरी) व औषधियों के ज्ञान का अभाव
Q2) प्रवाह तालिका पूर्ण कीजिए: डॉ. भटनागर के अचानक गायब होने पर लोगों और पुलिस द्वारा की गई आशंकाएँ:
उत्तर :
१. किसी असाध्य व गंभीर मरीज के इलाज हेतु कहीं दूर चले जाना।
↓
२. किसी डाकू या आपराधिक गिरोह द्वारा फिरौती के लिए अपहरण कर लेना।
↓
३. कार सहित किसी नदी अथवा गहरे गड्ढे में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो जाना।
↓
४. किसी विदेशी या अन्य शक्ति द्वारा गुप्त रूप से बंदी बना लेना।
Q3) भाषा बिंदु: निम्न वाक्यों में कारक रेखांकित कर उनके चिह्न और भेद (नाम) लिखिए:
उत्तर :
वाक्य कारक चिह्न (परसर्ग) कारक का भेद (नाम)
१. श्रीमती भटनागर ने दरवाजे पर वैसे ही गाड़ी के पहियों के निशान देखे। ने, पर, के 'ने' - कर्ताकारक
'पर' - अधिकरण कारक
'के' - संबंधकारक
२. उस सी. डी. को तुरंत सुनने की व्यवस्था की गई। को कर्मकारक
३. अजीब आशंकाओं से परेशान हो उठा। से करण कारक (साधन/कारण)
४. यहाँ भी लोगों ने रहने के लिए घर बना रखे हैं। ने, के लिए 'ने' - कर्ताकारक
'के लिए' - संप्रदान कारक
५. घर से बाहर गए उन्हें काफी समय हो गया। से अपादान कारक (अलग होने का भाव)
६. हे मानव मुझे क्षमा कर! हे संबोधन कारक
Q4) स्वमत अभिव्यक्ति: 'स्वास्थ्य की समस्या सभी जगह पाई जाती है' इस विषय पर अपने विचार लिखिए:
उत्तर :

प्रस्तुत विज्ञान कथा में लेखक ने बड़े ही सटीक ढंग से यह दिखाया है कि चाहे पृथ्वी हो या ब्रह्मांड का कोई अन्य अति-विकसित ग्रह, स्वास्थ्य का संकट हर जगह उत्पन्न हो सकता है। जब मनुष्य या कोई भी समाज प्रकृति के स्वाभाविक नियमों की अवहेलना करता है और मशीनों पर अंधाधुंध निर्भर हो जाता है, तो उसका शारीरिक तंत्र कमजोर हो जाता है।

आज पृथ्वी पर भी प्रदूषण, मिलावटी खानपान, रसायनों का अत्यधिक प्रयोग और शारीरिक निष्क्रियता के कारण कैंसर, मधुमेह, मोटापा और हृदय रोग जैसी घातक बीमारियाँ महामारी का रूप ले रही हैं। यदि हमने समय रहते अपने पर्यावरण और प्राकृतिक जीवनशैली को नहीं सुधारा, तो हमारी स्थिति भी उस काल्पनिक ग्रह जैसी दयनीय हो जाएगी जहाँ उन्नत तकनीक तो होगी किंतु स्वस्थ शरीर नहीं। अतः स्वास्थ्य की रक्षा ही जीवन का प्रथम सुख है।

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पाठ परिचय : डाॅक्‍टर का अपहरण (डॉ. हरिकृष्ण देवसरे)

प्रख्यात बाल-साहित्यकार और विज्ञान-कथाकार डॉ. हरिकृष्ण देवसरे द्वारा रचित 'डॉक्टर का अपहरण' एक अत्यंत रोचक, रहस्यमयी और विचारोत्तेजक विज्ञान कथा है। इसमें एक अन्य सौरमंडल के विकसित ग्रहवासियों द्वारा पृथ्वी के कुशल चिकित्सक डॉ. भटनागर का अपहरण किए जाने की घटना के माध्यम से आधुनिक वैज्ञानिक अंधी दौड़, मशीनों की अत्यधिक गुलामी और पर्यावरण असंतुलन के विनाशकारी दुष्परिणामों की ओर मानव जाति को सचेत किया गया है।

कहानी के प्रमुख वैज्ञानिक संदेश एवं चेतावनियाँ

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

१. डॉ. भटनागर का अपहरण किसने और क्यों किया था?

डॉ. भटनागर का अपहरण एक सुदूर ग्रह के उन्नत अंतरिक्ष यात्रियों ने किया था, क्योंकि उनके ग्रह पर लोगों के शरीर के अंग सड़ने का असाध्य रोग फैल गया था और उन्हें एक कुशल सर्जन (शल्य-चिकित्सक) की अत्यंत आवश्यकता थी।

२. उस ग्रह के लोग चिकित्साशास्त्र में क्यों पिछड़ गए थे?

क्योंकि वहाँ का सारा काम मशीनों द्वारा होता था और लोग लंबे समय तक कभी बीमार ही नहीं पड़ते थे, जिससे उन्होंने चिकित्सा और सर्जरी के विकास पर कोई ध्यान नहीं दिया था।

३. डॉ. भटनागर ने पृथ्वीवासियों को क्या संदेश भेजा?

उन्होंने एक रिकॉर्डेड सी.डी. के माध्यम से पृथ्वीवासियों को बताया कि वे सुरक्षित हैं, किंतु साथ ही चेतावनी दी कि मशीनों की अत्यधिक गुलामी और पर्यावरण विनाश से पृथ्वी को बचाना होगा।

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