वह बर्फ के क्यूब (टुकड़े) चूसेगा।
वह रोज आइसक्रीम खाया करेगी।
रसोईघर में उचित जगह बनाकर रखेंगे।
१. देखने वालों का ताँता : रेफ्रिजरेटर आते ही घर में सगे-संबंधियों, मित्रों और मोहल्ले वालों का मेला लग गया। पहले आने वालों का स्वागत शिकंजी से और बाद के शौकीनों का स्वागत गरमा-गरम चाय से किया गया।
२. रेफ्रिजरेटर बना अमानतखाना : शांति बुआ ने आटे का कटोरा, लाला दीनदयाल ने मिठाई का बोइया और अन्य पड़ोसियों ने दूध, मलाई व सब्जियाँ लेखक के फ्रिज में रखवानी शुरू कर दीं। स्थिति यह हो गई कि लेखक के स्वयं के घर की चीजें रखने के लिए फ्रिज में तिल धरने को भी जगह नहीं बची।
३. मानसिक अशांति एवं व्यय : दिन-रात मोहल्ले वालों के आने-जाने और उनके द्वारा बार-बार दरवाजा खोलने से बिजली का बिल बढ़ गया और लेखक व उनकी पत्नी की शांति भंग हो गई।
| क्रमांक | विदेशी शब्द (आगत शब्द) | संकर शब्द (दो भाषाओं के मेल से बने शब्द) |
|---|---|---|
| १. | रेफ्रिजरेटर (अंग्रेजी) | मोहल्लेदार (अरबी + फारसी) |
| २. | टेलीफोन (अंग्रेजी) | छायादार (संस्कृत + फारसी) |
| ३. | एक्सपर्ट (अंग्रेजी) | लाठीचार्ज (हिंदी + अंग्रेजी) |
| ४. | क्यूब (अंग्रेजी) | वर्षगाँठ (संस्कृत + हिंदी) |
| ५. | आइसक्रीम (अंग्रेजी) | रेलगाड़ी (अंग्रेजी + हिंदी) |
समुच्चयबोधक अव्यय — यह दो उपवाक्यों ('माँ ने कहा' और 'बच्चों ने...') को परस्पर जोड़ने का कार्य करता है।
संबंध कारक — यह 'आम' और 'आइसक्रीम' (स्त्रीलिंग संज्ञा) के बीच संबंध दर्शाने वाला कारक चिह्न है।
क्रिया — यह 'करना' क्रिया का सामान्य भूतकालिक स्त्रीलिंग एकवचन रूप है।
प्रकृति ने मानव जाति को जीवित रहने और विकास करने के लिए जल, वायु, सूर्य का प्रकाश, उपजाऊ मिट्टी, वनस्पति, खनिज और ईंधन जैसे अनमोल उपहार दिए हैं। इन्हें ही प्राकृतिक संसाधन कहा जाता है। ये संसाधन प्रकृति द्वारा नि:शुल्क प्रदान किए गए हैं और इन्हें मनुष्य स्वयं नहीं बना सकता।
आधुनिक वैज्ञानिक युग में हम बिजली, रेफ्रिजरेटर, वाहन और बड़े-बड़े उद्योग चला रहे हैं, किंतु इन सबकी मूल ऊर्जा जल, कोयला, सौर ऊर्जा और पेट्रोलियम जैसे प्राकृतिक संसाधनों से ही प्राप्त होती है। यदि हम इनका अंधाधुंध दोहन करेंगे, तो भावी पीढ़ी भारी संकट में पड़ जाएगी। अतः संसाधनों की बचत और संरक्षण करना ही मानव सभ्यता के अस्तित्व का आधार है।
सुप्रसिद्ध हास्य-व्यंग्यकार अरुण द्वारा रचित 'इनाम' एक रोचक और यथार्थवादी हास्य कहानी है। इस पाठ में एक मध्यमवर्गीय परिवार द्वारा प्रतियोगिता में रेफ्रिजरेटर जीतने के बाद उत्पन्न हास्यास्पद और विकट परिस्थितियों का जीवंत चित्रण किया गया है। कहानी हमारे समाज में पड़ोसियों की ईर्ष्या, दिखावे की प्रवृत्ति और मुफ्तखोरी की मानसिकता पर करारा व्यंग्य करती है।
एक देसी रेफ्रिजरेटर निर्माता कंपनी द्वारा आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में सही उत्तर देने पर लेखक को प्रथम पुरस्कार (इनाम) के रूप में रेफ्रिजरेटर मिला था।
पड़ोसियों ने लेखक के रेफ्रिजरेटर को एक सार्वजनिक अमानतखाना समझ लिया और अपनी मलाई, आटा, मिठाई, दूध आदि खाद्य वस्तुएँ लेखक के फ्रिज में ठूँस-ठूँसकर भर दीं।
'कि' (ह्रस्व) दो उपवाक्यों को जोड़ने वाला समुच्चयबोधक अव्यय है, जबकि 'की' (दीर्घ) संबंध कारक या 'करना' क्रिया का भूतकालिक रूप है।