दूसरी इकाई | पाठ ५ : अतीत के पत्र

पत्र - विनोबा भावे व महात्मा गांधी (स्वाध्याय प्रश्न उत्तर)

Q1) सूचना के अनुसार कृतियाँ पूर्ण कीजिए: संजाल पूर्ण कीजिए:
संजाल प्रश्न : स्वास्थ्य सुधार के लिए विनोबा जी द्वारा किए गए कार्य:
उत्तर :
१. दस-बारह मील प्रतिदिन घूमना
२. छह से आठ सेर अनाज स्वयं हाथ से पीसना
↑ ↑
स्वास्थ्य सुधार के लिए विनोबा जी के कार्य
↓ ↓
३. प्रतिदिन तीन सौ सूर्य नमस्कार
४. नमक-मसाले छोड़कर केवल दूध और सात्विक आहार
Q2) आहार के मामले में विनोबा जी ने किस प्रकार ध्यान रखा:
उत्तर :
१. नमक का त्याग : पहले छह महीने तक बिना मसाले केवल नमक खाया, बाद में नमक का भी पूर्ण त्याग कर दिया।
२. मसालों का निषेध : भोजन में कभी भी मिर्च, मसाले व उत्तेजक पदार्थों का सेवन न करने का दृढ़ व्रत लिया।
३. फलाहार प्रयोग : स्वास्थ्य सुधार हेतु एक पूरे महीने तक केवल केले, दूध और नींबू के रस का ही सेवन किया।
४. सात्विक दुग्धाहार : शरीर को बल व पोषण प्रदान करने के लिए नियमित रूप से ताजा गाय का दूध पीना शुरू किया।
Q3) उचित जोड़ियाँ मिलाइए:
उत्तर :
स्तंभ 'अ' स्तंभ 'ब' (सही उत्तर)
१. विद्यार्थी मंडल संस्था (मातृभाषा प्रसार हेतु स्थापित की गई संस्था)
२. राष्ट्रीय शिक्षा योजना (स्वावलंबन और देशभक्ति पर आधारित शिक्षा योजना)
३. विनोबा जी का साध्य आश्रम (गांधीजी का सत्याग्रह आश्रम एवं देशसेवा)
४. ब्रह्मचर्य व्रत (इंद्रिय संयम व सादगी का आजीवन पावन व्रत)
Q4) अर्थ लिखिए:
उत्तर :
१. 'अपरिग्रह' शब्द से तात्पर्य :

आवश्यकता से अधिक धन, संपत्ति या सांसारिक वस्तुओं का संचय न करना; केवल न्यूनतम जीवनोपयोगी वस्तुओं का ही उपभोग करना।

२. 'रमता राम' शब्द से तात्पर्य :

एक स्थान पर स्थिर न टिकने वाला, सतत जनसेवा व ज्ञानार्जन हेतु विचरण करने वाला विरक्त या फकीर व्यक्ति।

Q5) भाषा बिंदु: मूल वाक्य को अर्थ की दृष्टि से अन्य पाँच प्रकारों में परिवर्तित कीजिए:
मूल वाक्य : 'सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं।'
उत्तर :
मूल वाक्य: सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं।
वाक्य का प्रकार परिवर्तित वाक्य
१. विधानार्थक वाक्य सब तुमसे मिलने को उत्सुक हैं।
२. प्रश्नार्थक वाक्य क्या सब तुमसे मिलने को उत्सुक नहीं हैं?
३. निषेधार्थक वाक्य सब तुमसे मिलने के लिए उत्सुक नहीं हैं।
४. संदेहार्थक वाक्य शायद सब तुमसे मिलने के लिए उत्सुक हैं।
५. आज्ञार्थक वाक्य सभी को तुमसे मिलने के लिए उत्सुक होना पड़ेगा।
६. विस्मयार्थक वाक्य कितने उत्सुक हैं सभी तुमसे मिलने के लिए!
Q6) स्वमत अभिव्यक्ति: 'स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मन का वास होता है' स्पष्ट कीजिए:
उत्तर :

कहावत है—"पहला सुख निरोगी काया।" शरीर और मन का परस्पर अत्यंत गहरा और अटूट संबंध होता है। जब शरीर पूर्णतः स्वस्थ, फुर्तीला और व्याधियों से मुक्त होता है, तभी मन में सकारात्मक, सात्विक और रचनात्मक विचार उत्पन्न होते हैं। यदि शरीर अस्वस्थ अथवा दुर्बल हो, तो मनुष्य में आलस्य, चिड़चिड़ापन और नकारात्मकता घर कर जाती है।

प्रस्तुत पाठ में पूज्य विनोबा भावे जी ने आश्रम के सेवाकार्यों को भली-भाँति संपन्न करने के लिए ही कठिन परिश्रम (अनाज पीसना, मीलों पैदल घूमना, सूर्य नमस्कार करना) और सात्विक आहार के नियम अपनाए ताकि उनका स्वास्थ्य सुदृढ़ बन सके। स्वस्थ रहकर ही हम ईश्वर, राष्ट्र और समाज की सच्ची सेवा कर सकते हैं। अतः नियमित व्यायाम, प्राणायाम और संतुलित खान-पान हर विद्यार्थी के जीवन का अनिवार्य अंग होना चाहिए।

← Previous Index Next →

पाठ परिचय : अतीत के पत्र (विनोबा भावे व महात्मा गांधी)

'अतीत के पत्र' राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और उनके परम शिष्य संत विनोबा भावे के बीच हुए आत्मीय, दार्शनिक और कर्तव्यनिष्ठ पत्र-व्यवहार का संकलन है। इन पत्रों में विनोबा जी का आश्रम के नियमों (सत्य, अहिंसा, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य) के प्रति अगाध समर्पण, शारीरिक श्रम का महत्व और बापू के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा प्रस्फुटित होती है। गांधीजी का उत्तर गुरु-शिष्य परंपरा और पारदर्शी वात्सल्य का अप्रतिम उदाहरण है।

पत्रों के प्रमुख जीवन-मूल्य एवं सीख

बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

१. विनोबा भावे जी आश्रम छोड़कर बाहर क्यों गए थे?

विनोबा जी का स्वास्थ्य अत्यधिक दुर्बल और खराब हो गया था; अतः स्वास्थ्य सुधार तथा संस्कृत व वेदांत के गहन अध्ययन के लिए वे एक वर्ष की अनुमति लेकर आश्रम से बाहर गए थे।

२. गांधीजी ने विनोबा जी के प्रति क्या उद्गार व्यक्त किए?

गांधीजी ने लिखा कि मैं तुम्हारी परीक्षा क्या लूँगा, तुम स्वयं अपनी कसौटी पर खरे उतरे हो। एक पिता को अपने पुत्र में जो गुण देखने की लालसा होती है, वे सारे गुण तुममें पूर्णतः विद्यमान हैं।

३. अर्थ की दृष्टि से वाक्य के कितने भेद होते हैं?

अर्थ की दृष्टि से वाक्य के मुख्य आठ भेद होते हैं: विधानार्थक, निषेधार्थक, प्रश्नार्थक, आज्ञार्थक, विस्मयार्थक, संदेहार्थक, संकेतार्थक और इच्छार्थक वाक्य।

संबंधित महत्वपूर्ण विषय

Ateet Ke Patra Class 9 Hindi Unit 2 ९वीं हिंदी अतीत के पत्र स्वाध्याय प्रश्न उत्तर Vinoba Bhave Mahatma Gandhi Patra अर्थ की दृष्टि से वाक्य परिवर्तन Hindi Lokbharti Unit 2 Chapter 5 Solutions
Link copied to clipboard!